रिम्स में नहीं मिल रही एंटी रेबीज की सुई, लोग भटकने को मजबूर

Ranchi Anti rabies injection not available rims people forced wanderरांची : राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों को एंटी रेबीज की सुई नहीं मिल रही है. कुत्ते के काटे जाने का  शिकार हुए लोग रेबीज की सुई के लिए भटक रहे हैं. रिम्स प्रबंधन का दावा कर रहा है कि उनके पास एंटी रेबीज की सुई भारी मात्रा में उपलब्ध है.

आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ जाने के कारण  कुत्तों के काटने का शिकार हुए मरीज को रिम्स में घंटो भटकने के बाद भी रेबीज की सुईयां नहीं मिल रही हैं. जबकि एक महीने के अंदर रेबीज की 4 डोज लेना किसी भी कुत्ते का शिकार व्यक्ति के लिए जरूरी होता है. मगर जब रेबीज लेने के लिए लोग रिम्स पंहुच रहें है तो इमेरजेंसी विभाग से यह कह कर भगा दिया जा रहा है कि रैबीज खत्म हो चुका है. कुत्ता काटे जाने के शिकार हुए एक युवक ने बताया कि ना ही सदर अस्पताल में और ना ही रिम्स में ही रैबीज मिल पा रहा है.




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वहीं लाठी के सहारे घूमते एक बुजुर्ग को रिम्स में ही किसी कुत्ते ने काट लिया था. रेबीज की एक डोज तो उन्हें रिम्स से कुछ दिनों पहले मिल गई. मगर अब उन्हें दूसरे डोज के लिए भटकना पड़ रहा है. उनके पास इतने भी पैसे नहीं है कि वह बाहर से दवा ले सकें. वहीं जब रेबीज की उपलब्धता की जानकारी रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक से मांगी तो उन्होंने दावा किया कि रेबीज की कोई कमी नहीं है.

सवाल यह है कि जब रिम्स के पास भारी मात्रा में रेबीज उपलब्ध है तो लोगों को क्यों नहीं दी जा रही है. या तो इमरजेंसी विभाग के डॉक्टर मरीजों की अनदेखी कर रहे हैं या फिर रिम्स प्रबंधन रेबीज की उपलब्धता का झूठा दावा कर रहा है. जरूरत है रिम्स प्रबंधन को इस ओर ध्यान देने की ताकि भटक रहे लोगों को रेबीज की दवाइयां मिल सके.

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