कलम छोड़ बंदूक उठाने को तैयार हैं 70 हजार पारा शिक्षक : PLFI सुप्रीमो

पवन ठाकुर

रांची : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप ने कहा है कि पारा शिक्षकों की मांगें बिल्कुल जायज है. आज महज दस हजार रुपये में घर चलाना काफी मुश्किल है. दिनेश गोप ने कहा कि अगर पारा शिक्षकों की मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे कलम छोड़ बंदूक उठाने को तैयार हैं. 70 हजार पारा शिक्षकों को हथियार उठाने के लिए विवश किया जा रहा है. कई पारा शिक्षक इसके लिए तैयार भी हो गये हैं.

पीएलएफआई सुप्रीमो ने कहा कि इस महंगाई के दौर में दस हजार के वेतन में घर चलाना मुश्किल है. इस विषय पर सरकार को अविलंब विचार करना चाहिए. बीते 15 नवंबर बिरसा जयंती के मौके पर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले दागे गए, पानी की बौछार की गई और फायरिंग भी की गई, जो काफी दुखद रहा. कहा कि आंदोलित पारा शिक्षकों की मांग सही है.




गोप ने आगे कहा कि झारखंड में बीते दिन शिक्षक बहाली में लगभग 75 प्रतिशत बाहरी लोगों को बहाल किया गया है. जिस वजह से स्थाई लोगों का पलायन जारी है. झारखंड के आदिवासी-मूलवासी के साथ अन्याय हो रहा है. पीएलएफआई सुप्रीमो ने चेतावनी दी है कि पारा शिक्षकों के मामले में पंद्रह दिनों के भीतर कोई ठोस कदम उठाया जाए, नहीं तो पार्टी विचार कर खुद ठोस कदम उठाएगी.





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