गैस विस्फोट के घायल मरीजों को डॉक्टर ने एंबुलेंस में इलाज कर किया रेफर, 108 एंबुलेंस ने ले जाने से किया इनकार

विस्फोट गिरीडीह : ज़िले के सरिया थानाक्षेत्र स्थित नगरकेसवारी गांव में देर शाम गैस सिलेंडर फट जाने से एक ही परिवार के तीन व्यक्ति दिलेश्वर रविदास, प्रकाश रविदास और सुनील रविदास बुरी तरह झुलस गए. दो दिन पूर्व ही इस परिवार को उज्ज्वला योजना के तहत गैस का कनेक्शन दिया गया था. आनन-फानन में तीनों घायलों को एम्बुलेंस से बगोदर सीएचसी भेजा गया. जहां घायलों की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सा पदाधिकारी विनय कुमार ने 108 एम्बुलेंस पर ही प्राथमिक इलाज कर उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया.

लोकेशन विवाद के कारण एम्बुलेंस 108 के कर्मियों ने घायल को ले जाने से इनकार कर दिया. एम्बुलेंस कर्मियों ने बताया कि उन्हें अपने लोकेशन पर जा कर जॉब आईडी निर्गत करवाकर ही दूसरे जगह जाने का नियम है. कहा कि उन्हें उच्चाधिकारियों का आदेश है कि वे मरीज को वहीं छोड़कर वापस लौट जाएं.




घंटो तीनों झुलसे घायल सीएचसी के बाहर एम्बुलेंस में तड़पते रहे. गनीमत रही कि प्राथमिक इलाज के लिए सीएचसी में घायलों को एम्बुलेंस से उतारा नहीं गया था, अन्यथा मरीजों को वहीं छोड़कर 108 एंबुलेंस लौट जाता. एंबुलेंस कर्मियों को उनके उच्चाधिकारी बार-बार लौटने के लिए कह रहे थे.

इस दौरान सीएचसी में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी. डॉक्टर ने घायलों की स्थिति को नाजुक बताया. कहा गया कि लगभग 70 प्रतिशत जले हुए मरीज इन्हें जल्द बाहर ले जाना चाहिए, पर 108 कर्मी इसके लिए तैयार नही हुए.

मौके पर पहुंचे भाजयुमो के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार बॉर्डर ने मामले को लेकर गिरिडिह उपायुक्त नेहा अरोड़ा से शिकायत की. जिसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर घायलों को बेहतर इलाज के लिए भेजा जा सका. सीएचसी में भाजपा अनुमंडल विधायक प्रतिनिधि राजू सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष आशीष कुमार बॉर्डर, गोल्डन जायसवाल, सोनू सिंह, धर्मेंद्र कुमार चीकू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.





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