स्टूडेंट्स का सहारा लेकर शिक्षक करवा रहे ट्रांसफर का विरोध, डीसी ने 500 शिक्षकों का कर दिया था तबदला

जामताड़ा : उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने पिछले दिनों जिला के शिक्षको का ट्रांसफर किया था. ऐसा उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए किया था. डीसी ने ऐसे शिक्षकों का ट्रांसफर किया था जो शिक्षक 10-12 वर्षों से एक ही जगह टिके हुए थे. करीब 500 शिक्षकों का स्थनांतरण किया गया था. इस बौखलाहट में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा उपायुक्त के विरोध में धरना प्रदर्शन भी किया गया. धरना प्रदर्शन के बाद जब दाल नहीं गली तो शिक्षकों ने नया तरिका अपना कर उपायुक्त पर दवाब बनाने का प्रयास किया.

शिक्षकों ने नारायणपुर प्रखंड के चैनपुर विद्यालय के बच्चों को सड़क पर उतारा

गोविंदपुर साहेबगंज मुख्य मार्ग को बच्चों द्वारा सड़क को घंटो जाम किया गया. इस दौरान विद्यालय के शिक्षक बस नजारा देख रहे थे. छात्रों की मांग थी कि विद्यालय में शिक्षकों की बहाली की जाए. शिक्षकों के ट्रांसफर के बाद स्कूल में टीचर की कमी हो गयी है.




कई उपायुक्त आये और चले गये, शिक्षा पर किसी की नजर नहीं

बताते चले कि जामताड़ा वर्ष 2001 से जिला बना था. उस समय से करीब 13-14 उपायुक्त आये, लेकिन उनमें से किसी ने शिक्षा का स्तर सुधारने का प्रयास नहीं किया. आज उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने जब पहल की तो इसका विरोध शिक्षक कर रहे हैं. वे अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों द्वारा विरोध करवा रहे हैं. पिछले 10 से 15 सालों तक एक जगह बने रहने से शिक्षक बच्चों को पठन-पाठन पर ध्यान नहीं देते हैं. वहीं शिक्षक अपने मन मुताबिक विद्यालय आते-जाते हैं. अब स्थनांतरण होने पर उनके सामने कई समस्या आन पड़ी है.





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