हत्‍या का जिम्‍मेवार ठहराये जाने से भड़के थाना प्रभारी, थाना में ही जोर-जोर से लगे चिल्‍लाने (देखें वीडियो)

भड़के थाना प्रभारी रांची : डोरंडा में बुधवार की सुबह में धीरज राम की हत्या गोली मारकर कर दी गई. घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने डोरंडा थाने में जमकर हंगामा किया. करीब तीन घंटे तक आक्रोशित लोग और पुलिस के बीच नोंक-झोंक होती रही. इस दौरान आक्रोशित लोगों ने हटिया डीएसपी और डोरंडा थानेदार पर कई आरोप लगाये. हो-हंगामा कर रहे लोग डोरंडा थानेदार आबिद खान के चेंबर में घुसकर उन्‍हें ही हत्‍या का जिम्‍मेदार ठहराने लगे. जिसके बाद थाना प्रभारी का गुस्‍सा फूट पड़ा. वे अपना आपा खोते हुये थाना में ही जोर-जोर से चिल्‍लाने लगे.

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क्‍या है पूरा मामला

मालूम हो कि बुधवार की सुबह सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर धीरज राम की उनके घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने शव को पोस्‍टमार्टम के लिए रिम्‍स भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही धीरज का शव डोरंडा पहुंचा, स्थानीय लोग भड़क उठे. स्‍थानीय लोगों ने शव के साथ डोरंडा थाना का घेराव किया. इस दौरान पुलिस स्‍थानीय लोगों को समझाती रही. मगर लोग मानने को तैयार नहीं हुये. इस दौरान पुलिस से स्‍थानीय लोगों की कई बार नोंक-झोंक भी हुई. इसी दौरान स्‍थानीय लोगों ने थाना प्रभारी को ही हत्‍या का जिम्‍मेवार ठहराया, जिसके बाद थाना प्रभारी भड़क गये और थाना में ही चिल्‍लाने लगे. थाना प्रभारी गुस्‍से में बार-बार उनको बेईमान और हत्‍या को जिम्‍मेवार ठहराने वालों को सामने आने को कह रहे थे. थाना प्रभारी के गुस्‍सा होने के बाद कांग्रेस नेता आलोक दुबे समेत कई लोगों ने उन्‍हें समझा-बुझाकर शांत कराया.




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हटिया डीएसपी भी हुये स्‍थानीय लोगों के गुस्‍से का शिकार

हत्‍या के बाद डोरंडा थाना के घेराव की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे हटिया डीएसपी विकास पांडे को भी लोगों के गुस्‍से का शिकार होना पड़ा. हटिया डीएसपी विकास पांडे ने आक्रोशित लोगों को समझाने का कई बार प्रयास किया, मगर लोग समझने को तैयार नहीं थे. इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने उनके साथ भी धक्‍का-मुक्‍की की. स्‍थानीय लोग आरोपी को गिरफ्तार करने और मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े थे. काफी समझाने के बाद लोगों ने थाना का घेराव खत्‍म किया.





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