नदियों को सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त रखना हम सबों की जिम्मेवारी : राज्‍यपाल

राज्‍यपालजमशेदपुर : भारत एक देवभूमि है, जहां 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं. हमारी माता मातृभूमि, मातृभाषा, गौ माता, धरती माता हैं. नदियां भी हमारी माता है, ऐसे में अगर मां ही स्वस्थ नहीं रहेगी तो बच्चे कैसे स्वस्थ रहेंगे. लिहाजा नदियों को सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त रखना हम सबों की जिम्मेवारी है. उक्‍त बातें सूबे की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने में लगी संस्था जैम पीट द्वारा आयोजित आमादेर पूजो के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही.

 

जमशेदपुर शहर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंची राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने आमादेर पूजो 2018 पुरस्कार वितरण समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया. क्लीन इंडिया, ग्रीन फेस्टिवल के संदेश को लेकर जीवनदायिनी नदियों के संरक्षण को लेकर दुर्गा पूजा के दौरान त्योहारों को  तरीके से मना कर पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश देने में लगी संस्था जैम पीट की सराहना राज्यपाल ने की. समारोह में आमादेर पूजो जनअभियान को लेकर बीते दिनों शहर में आयोजित 310 दुर्गा पूजा कमेटियों में से पर्यावरण और विसर्जन के दौरान नदियों का संरक्षण के मद्देनजर सर्वश्रेष्ठ पूजा कमेटियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. सांस्कृतिक गीत-संगीत और नृत्य के इस मनमोहक समारोह में शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेज की शिक्षिकाएं और बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की.





लोगों से नदियों के संरक्षण में सहभागी बनने की अपील

समारोह की मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने नदियों के संरक्षण को लेकर लोगों से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आज नदियों की दुर्दशा का कारण हम सभी हैं. पीएम मोदी ने वर्ष 2014 से स्वच्छ भारत अभियान चलाया है. झारखंड सरकार ने भी स्वछता को लेकर मुहिम चलाई है, जिसमें सभी की सहभागिता जरूरी है. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की पहचान दुर्गा पूजा और इसकी सुंदरता से है. ऐसे में पूजा के दौरान मिट्टी में समाहित वस्तुओं का प्रयोग डेकोरेशन में करनी चाहिए. जल संरक्षण व नदियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक समय हम नदी-तालाबों का पानी पीते थें, लेकिन प्रदूषण और दूषित होने की वजह से अब हम नदी-तालाबों में नहा भी नहीं पाते. ऐसे में हमें नदियों की स्वछता को लेकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, तभी जाकर भविष्य सुनहरा होगा.





Loading...
WhatsApp chat Live Chat