रिम्स के ऑर्थो विभाग में मात्र तीन डॉक्टर, पूरा बोझ सीनियर्स पर, मरीजों की नहीं हो पा रही देखभाल

rims Ortho Department running doctorsरांची : रिम्स का ऑर्थो विभाग पिछले आठ माह से मात्र तीन सीनयर डॉक्टरों के सहारे चल रहा है. डॉक्टर नहीं होने के कारण विभाग का पूरा बोझ सीनियर डॉक्टर पर है. वहीं इसके चलते मरीजों का भी सही से देखभाल नहीं हो पा रहा है. यही कारण है कि 4 महीने तक मरीजों को भर्ती रहना पड़ रहा है.

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रिम्स के ऑर्थो विभाग में एचओडी एलबी मांझी, एसोसिएट प्रोफेसर विजय कुमार और गोविंद गुप्ता हैं. विभाग के ऑर्थो ओपीडी में रोजाना लगभग 200 मरीज आते हैं. जिनके जांच का जिम्मा एक ही डॉक्टर के उपर है. वहीं वार्ड में भी लगभग 200 के करीब मरीज भर्ती हैं.
मरीजों की संख्या ज्यादा होने से परेशानी बढ़ जाती है. कई बार मरीजों को इंतजार भी करना पड़ता है. इतने मरीजों का सही समय पर इलाज और देखभाल के लिए 6 यूनिट की जरूरत है. पूरे विभाग को सही ढंग से चलाने के लिए कम से कम  2 प्रोफेसर, 4 एसोसिएट प्रोफेसर और 6 असिस्टेंट प्रोफेसर की आवश्यकता है.




डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यही कारण है कि दूर-दराज से सड़क दुर्घटना और अन्य कारणों से आने वाले मरीजों को महीनों इलाज के लिए इंतेजर करना पड़ता है. रिम्स के सभी विभागों की उपेक्षा सबसे ज्यादा मरीजो का भार ऑर्थो विभाग में होता है. रांची के ही मंडार से अपने मरीज का इलाज करने आये परिजन कहते हैं कि पिछले 1 महीने से उनके मरीज का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा क्योंकि डाक्टरों की कमी है.





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