गया गैंगरेप: पीड़िता की पहचान जाहिर करनेवालों को मिली जमानत

gaya gangrape case पटना: गैंगरेप पीड़िता की पहचान उजागर करने और आपबीती पूछने के नाम पर उसे परेशान करने के मामले में गया सिविल कोर्ट ने राजद के छह नेताओं को जमानत दे दी है. पीड़िता की पहचान उजागर करने और उसे परेशान करने पर पुलिस ने सभी पर केस दर्ज किया था. बुधवार सुबह आरोपी नेताओं ने कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली.

बता दें कि 14 जून की शाम गया जिले के गुरारू में बदमाशों ने पत्नी व बेटी के साथ जा रहे डॉक्टर से लूटपाट की थी. इसके बाद बदमाशों ने डॉक्टर को पेड़ से बांध दिया था और बेटी और पत्नी के साथ गैंगरेप किया था.




 घटना पर सियासत करते हुए प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राजद की जांच कमेटी गठित की थी. बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत और आलोक मेहता को जांच टीम में शामिल किया गया था. राजद की टीम पीड़िता से मिली थी. पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए पुलिस ले जा रही थी. उस दौरान राजद नेताओं ने जबरन पीड़िता को जीप से उतार लिया था.

पीड़ित को जबरन उतारने उसकी पहचान उजागर करने और आपबीती बताने को मजबूर करने के मामले में राजद के पूर्व मंत्री आलोक मेहता समेत 6 के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था. इस मामले में पुलिस ने जिन 6 के खिलाफ मामला दर्ज किया था, उनमें महिला सेल की आभा रानी ,सरस्वती देवी, राजद विधायक डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव और गया के जिला अध्यक्ष मोहम्मद निजामुद्दीन शामिल हैं.





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