धनबाद : मौत की सड़क, हर महीने होती हैं 15 से 20 दुर्घटनाएं

Road death accidents Inhibitorधनबाद : किसी भी शहर, राज्य या देश को विकसीत या समृद्ध बनाने में वहां की सड़कों का बहुत बड़ा योगदान होता है. परंतु धनबाद शहर में एक ऐसी भी सड़क है जो शहरवासियों के लिये मौत की सड़क के रुप में तब्दील होता जा रहा है. यह है शहर के बीचोंबीच और जिले के तमाम वरीय अधिकारियों के आवास के सामने की सड़क लुबी सकुर्लर रोड. लगभग चार किलोमीटर की पक्की सड़क जो जिले की दूसरी अन्य सड़कों की बनिस्पत काफी सुंदर और मजबूत है. परंतु प्रशासनिक उपेक्षा या उदासीनता के कारण इन दिनों मौत की सड़क के रुप में तब्दील होती जा रही है. पेश है एक रिपोर्ट:

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धनबाद जिले के तमाम वरीय अधिकारियों के आवासों से होकर गुजरने वाली लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क.  जिले की तमाम सड़कों से अधिक मजबूत व अच्छी सड़क में शुमार यह सड़क झारखंड की बेहतर सड़क का नमूना प्रतीत होता है. लेकिन इन दिनों इस सड़क से गुजरने वाले पैदल राहगीर हो या फिर छोटे वाहनों के सवार हमेशा इस बात को लेकर भयभीत से रहते हैं कि न जाने कब कौन आकर उन्हें उड़ा देगा और वह इस दुनिया को अलविदा कह देंगे. सड़क का काफी अच्छा होना यहां के लोगों के लिये काल बना हुआ है, लोग एक ओर जहां अच्छी सड़क की मांग करते हैं लेकिन यहां के लोग इस सड़क को टूटा फूटा होने की चाहत में हैं. कारण है इस अच्छी सड़क पर मोनेटरिंग सही से नहीं होना. न तो तेज रफ्तार पर अंकुश लग रहा है और न ही सड़क पर स्पीड लिमिट के लिये जगह-जगह अवरोधक हैं और न ही पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक जवान.

चौबीस घंटों में हुई दो दुर्घटनाओं में दो की मौत




लोगों की मानें तो इस सड़क के अच्छी बनने के बाद औसतन महिने में पंद्रह से बीस दुर्घटनाएं हो जाती हैं, जिसमें एक दो गंभीर दुर्घटनाएं हो ही जाती है. हाल ही में महज चौबीस घंटे में पोलिटेक्निक मोड़ चंद्रशेखर चौक और एसएसपी आवास के समक्ष हुई दो दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान चली गयी. इलाके के पार्षद इसे प्रशासनिक उदासीनता का परिचायक बताते हैं. पार्षद अशोक गुप्ता के अनुसार डीसी, एसएसपी, जिला जज समेत तमाम वरीय अधिकारी जिनके आवास इस सड़क के किनारे हैं, उन्होंने अपने घरों के सामने ब्रेकर बनवा लिये लेकिन किसी ने भी आम जनता का क्या होगा नहीं सोचा. यही हाल जनप्रतिनिधियों का भी है जबकि प्रशासनिक उपेक्षा होने पर उन्हें आगे आना चाहिये था. लेकिन किसी को भी जनता से कोई मतलब नहीं है, इसलिये यह सड़क मौत की सड़क बन गयी है.

सड़क सुरक्षा के पदाधिकारियों ने किया निरिक्षण

वहीं दस जुलाई को हुई सड़क दुर्घटना के बाद पार्षद व धनबाद पुलिस की मांग पर गुरूवार को सड़क सुरक्षा के पदाधिकारियों ने लुबी सर्कुलर रोड का निरीक्षण किया और वैसे तमाम जगहों को चिन्हित किया जो दुर्घटना वाले इलाके माने जाते हैं. धनबाद पुलिस के साथ सर्वे के बाद अधिकारियों की टीम ने कहा कि दोनों ही दुर्घटना के लिये छोटे वाहन वाले जिम्मेवार थे लेकिन आगे से इस तरह की दुर्घटना भी न घटे इसके लिये ब्रेकर बनाने की अनुशंसा एनएच और एसएच के अधिकारियों से कर दी गयी है. जल्द ही रंबल स्ट्रिप लगवा दिये जायेंगे साथ ही हमेशा यातायात पुलिस की तैनाती भी कर दी जायेगी ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके. वहीं धनबाद थाना के इंस्पेक्टर ने कहाकि रात्रि में नोइंट्री समाप्त होने के बाद भी ट्रैफिक जवान की तैनाती के साथ सड़क पर बेरिकेटिंग कर दी जायेगी ताकि स्पीड पर नियंत्रण रखा जा सके.





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