बाबानगरी में धड़ल्ले से हो रही बालू की कालाबाजारी, तीन गुना ज्यादा पैसे वसूल रहे बालू माफिया

संतोष रमानी, देवघर : बाबानगरी में एक भी बालूघाट नहीं है. बावजूद इसके यहां बालू माफियाओं का धंधा फल-फूल रहा है. यहां बालू माफिया बेखौफ होकर बालू की कालाबाजारी कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार बालू माफिया शहर के विभिन्न स्थानों पर बालू को डम्प करते हैं. पिर इसे मनमाने दाम पर बेचते हैं. ऐसा नहीं है कि प्रशासन या विभाग इस बात से अंजान है, पर कोई इन बालू माफियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता.

निर्धारित मुल्य से तीन गुना ज्यादा कीमत चुका रहे लोग

बता दें कि सरकार ने जब से बालू उठाव पर रोक लगाई है तब से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फिर चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाना हो या फिर शौचालय निर्माण करना हो. लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित कीमत से लगभग तीन गुना ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है. पहले जहां प्रति टेलर एक हजार रुपये जेने पड़ते थे, वहीं अब माफियाओं को एक टेलर के लिए तीन से पांच हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है.

बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि आये दिन सड़क पर बालू की कालाबाजारी देखने को मिलती है. माफियाओं द्वारा मनमाने कीमत पर बालू बेचने से वैसे तो सभी लोग परेशान हैं, पर मध्यम वर्ग के लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि सरकार को इस काला बाजारी पर रोक लगानी चाहिए. लोगों ने प्रसाशन से बालू माफियाओं के कालाबाजारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.




खतरें में पड़ जाएगा नदियों का अस्तित्व

वहीं स्थानीय नेताओं की माने तो 15 जून से ही बालू उठाव देवघर में जिला प्रशासन के निर्देश पर बन्द करा दिया गया है. फिर भी हर बालू घाट से बालू का उठाव हो रहा है. सभी जगह बालू डंप कर कालाबाजारी किया जा रहा है. अगर बालू माफिया बारिश के दिनों में भी नहीं रुके तो नदियों में सिर्फ मिट्टी ही रह जायेगा. साथ ही आने वाले समय में इन नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा. जल संकट उत्पन्न हो जाएगी. लोगों को न ही पीने के लिए पानी मिलेगा और न ही वो खेती कर पाएंगे.

लगातार की जा रही है कार्रवाई : खनन पदाधिकारी

मामले में खनन पदाधिकारी राजेश कुमार बताते हैं कि देवघर में एक भी बालू घाट संचालित नहीं है. इस मॉनसुन सत्र में एनजीटी ने सख्त आदेश दिये हैं, साथ ही एमओएफ का गाइडलाइन भी है कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू का उठाव नहीं होगा. इस संबंध में लगातार कार्रवाई की जा रही है. वहीं रात में हो रही बालू की कालाबाजारी पर इन्होंने कहा कि इस बात की जानकारी नहीं है. हालांकि सभी थानों को बालू का उठाव न होने देने के लिए सूचित कर दिया गया है. अगर बालू उठाव की कहीं से भी सूचना मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी. वहीं जब बालू के रेट की जानकारी मांगी गयी तो इन्होंने कहा कि जब घाट संचालित होती है तो 100 सीएफटी का 425 रुपये चार्ज होत है.





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