किसानों को धान का बोनस नहीं मिलने से सरयू राय नाराज, कहा- मोबाइल से ज्यादा जरूरी है बोनस

सरयू रायरांची : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि किसानों को मोबाइल मिले, उससे ज्यादा जरूरी है कि जल्द से जल्द उन्हें सरकार द्वारा घोषित बोनस की राशि मुहैया कराई जाए. सरयू राय ने कहा बोनस की फाइल मुख्यमंत्री के पास पड़ी है और वह  पत्र भी लिख चुके हैं.

धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया उत्साहवर्धक नहीं है. किसान सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल ₹200 बोनस का अब तक इंतजार ही कर रहे हैं, मगर बोनस की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में पड़ी हुई है. खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि किसानों को मोबाइल दिया जाए, उससे जरूरी इस वक्त किसानों के लिए बोनस जल्द से जल्द मिलना है. सूखे के हालात हैं और धान अधिप्राप्ति केंद्र भी आधा घटा दिया गया है, ऐसे किसानों को बोनस मिलना जल्द से जल्द जरूरी है.




सरयू राय ने बताया कि हालांकि धान अधिप्राप्ति के लिए 40 करोड़ का इंतजाम भी उन्होंने अपने विभागीय स्तर पर किया है, और बोनस के लिए 20 करोड़ भी विभाग के ही संसाधन से जुटाए गए हैं, योजना मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री को सिर्फ फाइल पर दस्तखत करने हैं.

हालांकि यह भी एक दिलचस्प तथ्य है कि झारखंड भर में लगभग 45 लाख टन धान के उत्पादन के लिए झारखंड को पुरस्कार मिला है, मगर सरकारी सेंटर पर मात्र 2 से तीन लाख टन धान ही किसान बेचने आते हैं, इस बात के लिए भी सरयू राय ने कृषि विभाग को पत्र लिखा है.

झारखंड में सूखा पड़ा है और किसानों को राहत देने के लिए तरह-तरह के ऐलान पहले ही सरकार द्वारा किए गए हैं. प्रति क्‍वींटल ₹200 बोनस की घोषणा के बाद बोनस मिलने में हो रही देरी से किसान भी असमंजस में हैं.



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