BREAKING

स्‍मार्ट मीटर खरीद में घोटाले की बू, यूपी-बिहार से 261 रुपए महंगे दर में होगी खरीदारी

smart-meterरांची : स्‍मार्ट मीटर की खरीदी के लिए जेबीवीएनएल जिस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, वो एक बड़े घोटाले की तरफ इशारा कर रहा है. शुरुआत में ही नियमों का उल्‍लंघन शुरू हो गया है. पूरी टेंडर प्रक्रिया के नियमों को ताक पर रख कर किया गया. निदेशालय ने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मीटर खरीद के पर्चेज आर्डर तक जारी कर दिया. एक सोची-समझी रणनीति के तहत स्‍मार्ट मीटर खरीदने का किया जा रहा है. विभाग को सात लाख मीटर की जरूरत है और जेबीवीएनएल को स्‍मार्ट मीटर लगाने हैं.

मनचाही कंपनियों को मिलेगा टेंडर

मनचाही कंपनियां ही टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे, इसमें ये भी कहा गया है कि जिन कंपनियों का टर्नओवर 400 करोड़ रुपये है उन्‍हीं को टेंडर दिया जायेगा. स्मार्ट मीटर की टोटल टेंडर वैल्यू करीब 60 करोड़ का है. सीवीसी की नियमावली 17/12/2002 और 07/05/2004 के मुताबिक किसी भी टेंडर के लिए टर्नओवर टेंडर वैल्यू से 40 फीसदी तक ज्यादा होना चाहिए. लेकिन यहां कंपनी का टर्नओवर 400 करोड़ कर दिया गया. जो टेंडर वैल्यू के करीब 700 फीसदी ज्यादा हो गया. ऐसे में वहीं कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया जो निदेशालय चाह रहा था.

रिम्स ने उठाया कड़ा कदम, हड़ताल में शामिल 35 नर्सें हटाई गईं

झारखंड में मीटर की कीमत 905 रुपए

स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम सिर्फ झारखंड में ही नहीं हो रहा है, यह सभी प्रदेशों में हो रहा है. मजे की बात यह है कि जिन कंप‍नियों को झारखंड में टेंडर मिला है वहीं कंपनी यूपी, बिहार सहित अन्‍य प्रदेशों में भी काम कर रही है. हैरत की बात यह है कि जिस स्‍मार्ट मीटर को कंपनी यूपी में 644 रुपए में दे रही है वही मीटर बिहार में 682 रुपए दे रही है. जबकि झारखंड में वही मीटर 905 रुपए मिलेगी.




खूंटी गैंगरेप मामला : एक पादरी समेत 8 लोग हिरासत में, पादरी पर मामले को दबाने का आरोप

झारखंड में 261 रुपए ज्‍यादा ले रही कंपनी

जो कंपनी यूपी और बिहार में 644 और 682 रुपए में स्‍मार्ट मीटर दे रही है वही मीटर झारखंड में 905 रुपए में मिलेगा. यानि कि यूपी से 261 रुपए और बिहार से 223 रुपए ज्‍यादा ले रही है. जब इन प्रदेशों में 644 रुपए और 682 रुपए में मीटर कंपनी दे सकती है तो झारखंड में 905 रुपए में क्‍यों दे रही है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि 261 रुपए का सीधा-सीधा घोटाला हो रहा है. और ये घोटाले का रुपए किस-किस अधिकारी तक जायेंगे इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं.

कभी भी जलकर खाक हो सकता है रांची रेलवे स्टेशन का इलाका, लोग कर रहे खतरनाक काम

18.5 करोड़ का हो रहा घोटाला

बिजली उपकरण में डील करने वाली दूसरी कंपनी वालों का कहना है कि झारखंड में सात लाख स्मार्ट मीटर आपूर्ति करने के लिए करीब 18,50000 रुपए का घोटाला किया जा रहा है. आरोप ये भी लग रहे हैं कि सरकार सब जानते हुए भी चुप बैठी हुई है. वहीं टेंडर में भाग लेने वाली सभी कंपनियों को जेबीवीएनएल खुश करने की तैयारी में है.

रांची: काम के बहाने दिल्ली ले जाई गई नाबालिगों के साथ हुआ दुष्कर्म, वापस आकर सुनाया दर्द

इन कंपनियों को मिलेगा ऑर्डर

जो कंपनी एलवन झारखंड में आयी है वो एचपीएल है. विभाग ने अभी 1,40000 मीटर सप्लाई करने का ऑर्डर दिया है. जबकि झारखंड में सात लाख स्मार्ट मीटर की जरूरत है. टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली GENUS, L&T, L&G और SECURE को भी निदेशालय ऑर्डर देने की तैयारी में है. सभी कंपनियों को एलवन यानि एचपीएल वाली रेट यानि 905 रुपए प्रति मीटर सप्लाई का ऑर्डर देने की तैयारी है. आप अंदाजा लगा सकते हैं विभाग इन कंपनियों को करीब 18.5 करोड़ रुपए यूपी और बिहार से ज्यादा भुगतान करेगा.



WhatsApp chat Live Chat