आतंकियों पर शिकंजा कसने 100 NSG कमांडो पहुंचे जम्मू-कश्मीर, विरप्पन का सफाया करने वाले विजय कुमार भी हैं साथ

नयी दिल्ली : विरप्पन का सफाया करने वाले विजय कुमार के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के सौ कमांडो की एक टीम जम्मू-कश्मीर में तैनात की गई है। गृह मंत्रालय ने एक महीना पहले वहां आतंकवादियों के खिलाफ अभियानों में एनएसजी को शामिल करने के प्रस्ताव की मंजूरी दी थी। राज्यपाल शासन लागू होते ही इस प्रस्ताव पर काम करना शुरू कर दिया गया है। बता दें कि एनएसजी गृह मंत्रालय के अधीन विशेष सुरक्षा बल है, जो बंधक बनाए जाने जैसी स्थिति से निपटने के लिए खास तौर से प्रशिक्षित हैं। अब ये लोग सेना के विशेष पैरा कमांडो के साथ मिलकर सैन्य अभियानों में हिस्सा लेंगे।




एक दर्जन एनएसजी के स्नाइपर भी भेजे गये हैं

सीमा सुरक्षा बल के शिविर में एक दर्जन एनएसजी के स्नाइपर भी विशेष स्थितियों के मद्देनजर भेजे गए हैं। गृह मंत्रालय ने बताया कि एनएसजी कमांडों को हवाई अड्डों और अन्य संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा। साथ ही, इन कमांडो का इस्तेमाल आतंकवादी रोधी अभियानों के दौरान भी किया जाएगा। गृह मंत्रालय के अनुसार, एनएसजी की नई जिम्मेदारी के साथ ही इस विशेष बल का कार्यक्षेत्र बढ़ाया गया है। अब तक आतंकवादी कार्रवाई में बंधक अभियानों और वीवीआइपी सुरक्षा के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले इस बल को अब जम्मू-कश्मीर में सैन्य बलों के पैरा कमांडो के साथ अभियानों पर तैनात किया जाएगा।

वीरप्पन का सफाया करने वाले विजय कुमार भी भेजे गये कश्मीर

छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ आइएएस अधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम को मुख्य सचिव बनाने के बाद अब वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी के विजय कुमार को जम्मू-कश्मीर भेजा गया है। विजय कुमार को चंदन तस्कर वीरप्पन के सफाए के अभियान के लिए जाना जाता है। विजय कुमार तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के आइपीएस अधिकारी है। 65 साल के विजयकुमार ने साल 2004 में चंदन तस्कर वीरप्पन का सफाया किया था।





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