दल-बदल मामले में सभी गवाहों की गवाही पूरी, फैसले का इंतजार

dal-badalरांची : जेवीएम से बीजेपी में गए छह विधायकों के दल-बदल मामले में गवाही देते हुए मंत्री रणधीर सिंह ने बताया कि अमित शाह से बाबूलाल मरांडी की हुई मुलाकात के बाद पार्टी का विलय बीजेपी में करने को तैयार थे, मगर प्रदीप यादव के कारण ऐसा नहीं हुआ. जिसके बाद दलादली में हुई बैठक में जेवीएम का विलय बीजेपी में करने का निर्णय हुआ था, जो संविधान के अनुसार है. वहीं विधायक जानकी यादव ने कहा कि प्रकाश राम को भी बीजेपी में शामिल होना था. दलबदल मामले में अब सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है.

जेवीएम की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़कर बीजेपी में शामिल हुए छह विधायकों के दलबदल मामले की सुनवाई विधानसभा के न्यायाधिकरण में हुई. जहां अंतिम दो गवाहों मंत्री रणधीर सिंह और विधायक जानकी यादव की गवाही दर्ज हुई. दोनों ने जेवीएम के बीजेपी में विलय होने की बात कही. मंत्री रणधीर सिंह के गवाही के वक्त जेवीएम अधिवक्ता से उनकी नोकझोंक भी हुई.


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प्रदीप यादव के कारण बीजेपी में जेवीएम का नहीं हुआ विलय

रणधीर सिंह और जानकी यादव ने गवाही में कहा कि प्रदीप यादव के कारण पार्टी कमजोर हो रही थी. किसी की बात नहीं सुनी जा रही थी. प्रदीप यादव के कारण ही बाबूलाल बीजेपी में शामिल नहीं हुए. जबकि अमित शाह से बाबूलाल की मुलाकात के बाद हुई बैठक में ही विलय पर सहमति हो चुकी थी. दोनों ने कहा है कि इनपर 10 अनुसूची के उल्‍लंघन का मामला बनता ही नहीं है.


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जेवीएम अधिवक्‍ता ने झूठी गवाही देने का लगाया आरोप

दोनों की गवाही के दौरान जेवीएम अधिवक्ता ने इनपर झूठी गवाही देने की बात कही. साथ ही जेवीएम की विलय से इनकार किया. सुनवाई के बाद जेवीएम अधिवक्ता आरएन सहाय ने बताया कि, अब गवाही पूरी हो चुकी है और सिर्फ बहस बाकी है. इसलिए जेवीएम ने रोज बहस करवाने की मांग न्यायाधिकरण से की है जिससे जल्द फैसला आ सके.


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साढ़े तीन साल में हुई पूरी

साढ़े 3 साल में इस दलबदल मामले में सभी गवाहों की गवाही शुक्रवार को पूरी हो गयी. अब बहस की बारी है. ऐसे में फैसला नजदीक आते दिखाई दे रहा है. मगर सभी कुछ विधानसभा अध्यक्ष पर निर्भर करता है कि बहस को लेकर वो जेवीएम की मांग पर क्या निर्णय लेंगे.



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