बच्ची को 7 साल पहले बेचा, परिवार वाले करते हैं गलत हरकत, धर्मांतरण का भी बना रहे दबाव

धर्मांतरणबोकारो : जिला में एक बच्ची को बेचने का मामला प्रकाश में आया है. दुमका की रहने वाली एक नाबालिक बच्ची को उसके पिता ने वर्ष 2011 में बोकारो जिला के जरीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत टांड बालीडीह में एक ईसाई परिवार के हाथों बेच दिया था. बच्ची को उसके पिता लागेन हांसदा ने सात साल की उम्र में एक इसाई परिवार मेनन तिग्गा के पास बेच दिया था. यह बच्ची आज मेनन तिग्गा के दामाद संजय तिग्गा और हेमलता तिग्गा के पास रहती है. बच्ची परिवार की प्रताड़ना व गलत हरकतों से तंग आकर नरकरा की रहने वाली महिला बबीता कुमारी के माध्यम से धर्म जागरण समन्वय समिति के संपर्क में आयी. फिर मंगलवार को जरीडीह थाना में आकर एक आवेदन दिया. परिवार के विरु्द्ध धर्म परिवर्तन व छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है.

महिला थाना में ली जा रही है जानकारी

बच्ची को जरीडीह थाना से महिला थाना लाया गया है और उससे जानकारी ली जा रही है. मामले में एएसपी सह एसडीपीओ बेरमो सुभाषचंद्र जाट ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. बच्ची अभी टांड बालीडीह के एसएस हाई स्कूल में नौवीं की छात्रा है. बच्ची ने मीडिया को बताया कि उसके पिता ने सात साल की उम्र में उसको एक ईसाई परिवार के हाथों बेच दिया था. पिता के साथ वापस अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन पिता द्वारा कहा गया कि अब तुमको यहीं रहना है. ऐसे में बच्ची ईसाई परिवार के सदस्यों के साथ रहने लगी.




बाहरी लोग भी करते हैं गलत हरकत

बच्ची के बातों को माने तो घर में आने वाले बाहरी लोग उसके साथ गलत हरकत करते थे और वह भागकर अपने को बचाती थी. जब इसकी शिकायत परिजनों से करती तो कोई जवाब नहीं दिया जाता था. कई बार उसे चर्च ले जाने का प्रयास भी किया गया. स्कूल जाने के बाबत कहा कि वह जिद कर जाती थी, लेकिन ईसाई परिवार नहीं चाहता था कि वो स्कूल जाए.

अब माता-पिता के साथ भी नहीं रहना चाहती बच्ची

आज बच्ची न अपने माता-पिता और न ही ईसाई परिवार के साथ रहना चाहती है. वह कहती है कि वह जहां कहीं भी रहे वहां से वो जो करना चाहती है कर सके. नरकरा की रहने वाली बबीता देवी का कहना है कि गांव में घूमने के दौरान बच्ची उसके संपर्क में आयी. जब उसने अपनी आपबीती बतायी तो उसने बच्ची को अपने साथ अपने घर ले आयी. लेकिन जैसे ही ईसाई परिवार को इसकी जानकारी हुई तो वे आये और जबरदस्ती बच्ची को पकड़कर अपने साथ ले गये. इसकी जानकारी धर्म जागरण समन्वय समिति को दी. मामले में धर्म जागरण समन्वय समिति ने स्कूल जाकर बच्ची और स्कूल के प्रिंसिपल से मुलाकात कर विस्तुस्थिति की जानकारी ली. मामले को सत्य पाते हुए बच्ची को लेकर समिति जरीडीह थाना पहुंची. बच्ची के तरफ से एक आवेदन सौंपा गया, जिसमें धर्म परिवर्तन और गलत हरकत की बात लिखी गयी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

 





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