शिवहर जिले के कमरौली गांव की है खास पहचान, यहां से निकले हैं छह आईएएस अधिकारी, इसी गांव के हैं सीएस दीपक कुमार

biharपटना : बिहार के शिवहर जिले के कमरौली गांव की एक खास पहचान है. यहां की साक्षरता दर की बात करें तो 90% लोग शिक्षित हैं. इस गांव से अभी तक छह आईएएस अधिकारी निकले. इसके अलावे डॉक्‍टर, बैंक और वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा कर रहे हैं. मजे बात यह है कि वर्तमान में बिहार सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार भी इसी गांव के रहने वाले हैं. वर्तमान में कमरौली गांव को लोग ‘कलेक्टरों का गांव’ कहते हैं.

पटना-हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में लूटपाट, हथियारों से लैस थे लुटेरे

सियाराम प्रसाद सिन्‍हा बने पहले आईएएस अधिकारी

कमरौली गांव से सबसे पहले सियाराम प्रसाद सिन्‍हा आईएएस अधिकारी बने. इसके बाद किसान के पुत्र लक्ष्‍मेश्‍वर प्रसाद को सफलता मिली. फिर अरुण कुमार वर्मा, दीपक कुमार, चंचल कुमार और अपूर्व वर्मा ने आईएएस बनकर गांव का मान बढ़ाया. सियाराम व लक्ष्मेश्वर की प्रारंभिक शिक्षा इसी गांव से हुई है.




बिहार बोर्ड रिजल्‍ट : 91% अंकों के साथ प्रेरणा राज बनी स्‍टेट टॉपर, 68.89% बच्चे हुए पास

अन्य क्षेत्र में भी छोड़ रहे छाप

जिला मुख्यालय से मात्र चार किलोमीटर की दूरी पर कमरौली गांव है. इस गांव में सिर्फ आईएएस ही नहीं बल्कि अन्‍य क्षेत्रों में भी लोग सेवा दे रहे हैं. कमरौली गांव के रंधीर कुमार वर्मा जो इसरो में वैज्ञानिक हैं. वहीं डॉ. रमेश कुमार वर्मा मेडिकल कॉलेज रांची में व्याख्याता होने के साथ प्रसिद्ध चिकित्सक भी हैं. करीब आधा दर्जन डॉक्टर देश के कई कोने में सेवा दे रहे हैं. वहीं दर्जन भर से अधिक लोग बैंक अधिकारी हैं.

अनपढ़ थे दुष्कर्म पीड़िता के घरवाले, पुलिस ने बना दिया छेड़खानी का मामला

नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत : डीएम

जिलाधिकारी अरशद अजीज ने कहा कि,  यह खुशी की बात है कि इस छोटे से जिले के गांव में आधा दर्जन आईएएस अधिकारी हैं. इससे नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है. कमरौली गांव की कुल आबादी 3000 है. यहां एक प्राथमिक विद्यालय और एक मध्य विद्यालय है. गांव में एक स्वास्थ्य चिकित्सा केंद्र भी है.





WhatsApp chat Live Chat