जिन्‍हें स्‍थानांतरण और पोस्टिंग की नहीं है जानकारी, वैसे बच्‍चे शिक्षकों के स्‍थानांतरण का कर रहे विरोध

सड़क जाम करते बच्‍चे सड़क पर उतर बच्‍चों ने गोविंदपुर-साहेबगंज मुख्य मार्ग चार घंटे तक किया जाम

जामताड़ा : नारायणपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय मुरलीपहाड़ी के बच्चे एका एक सड़क पर उतर आये और गोविंदपुर-साहेबगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने के करीब चार घंटे तक सड़क को जाम रखा. सड़क जाम कर रहे छात्र-छात्राएं स्‍कूल में दूसरा शिक्षक नियुक्‍त करने की मांग कर रहे हैं. विद्यार्थियों का कहना है कि वर्तमान में जो शिक्षक स्‍कूल में नियुक्‍त हैं वे बच्‍चों को अच्‍छी तरह से नहीं पढ़ा रहे हैं. मालूम हो कि मुरलीपहाड़ी विद्यालय में पूर्व में एक सरकारी शिक्षक और दो पारा शिक्षक नियुक्त थे, लेकिन उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए उक्त विद्यालय में दो सरकारी शिक्षक और दो पारा शिक्षक को नियुक्ति किया था.

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बच्‍चे पहले कभी नहीं उतरे थे सड़क पर

मालूम हो कि उपायुक्‍त आदित्‍य कुमार आनंद ने जबसे शिक्षा व्‍यवस्‍था में सुधार को लेकर 500 शिक्षकों का तबादला किया है, तब से अब तक दो बाद स्‍कूली बच्‍चे सड़क पर उतर चुके हैं. इससे पहले जिले के ना तो सरकारी विद्यालय के बच्चे और ना ही प्राईवेट विद्यालय के बच्चे सड़क पर उतरे थे. ज्ञात हो कि विद्यालय में पूर्व में पदस्थापित शिक्षकों का स्थनांतरण दूसरे स्‍कूलों में कर दिया गया है, जिसके बाद बच्चे सड़क जाम कर दिया. स्‍कूली बच्‍चों के सड़क जाम के बाद क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म है. लोगों का कहना है कि बच्‍चे तो केवल मोहरा हैं, इसका रिंग मास्टर कोई और है.




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नारायणपुर प्रखंड का अधिकतर विद्यालय रहता है बंद

मालूम हो कि नारायणपुर प्रखंड का अधिकतर विद्यालय बंद ही रहता है. कई बार वैसे विद्यालय के सचिव पर विभाग के द्वारा कार्रवाई भी की गई है. जिले में 6 प्रखंड हैं,  इन 6 प्रखंडों के शिक्षकों का तबादला किया गया है, लेकिन किसी भी प्रखंड के विद्यालय के बच्चे अब तक सड़क पर नहीं उतरे हैं. लेकिन नारायणपुर प्रखंड के अलग- अलग विद्यालयों के बच्चे दो बार सड़क पर उतर चुके हैं.

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परिजनों ने अब तक नहीं किया है आंदोलन

बच्‍चों के सड़क जाम करने घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल है कि बच्‍चों के भविष्‍य की सबसे ज्‍यादा चिंता उनके परिजनों को होती है, मगर शिक्षकों के तबादले के बाद परिजनों ने कभी आंदोलन नहीं किया है. मगर ये छोटे बच्‍चे बार-बार सड़क पर उतर आंदोलन कर रहे हैं. बच्‍चों को तो स्‍थानांतरण और पोस्टिंग का मतलब भी नहीं मालूम है.

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क्या कहते हैं उपायुक्त

उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं है. शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शिक्षकों का स्‍थानांतरण किया गया है. श्री आनंद ने कहा कि वैसे शिक्षकों को चिन्हित किया जा रहा है, जो बच्चों की आड़ में राजनीति कर रहे हैं. वैसे शिक्षकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

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