जामताड़ा: ग्रामीणों ने बना डाला नदी पर पुल, खुद ही करते हैं देखभाल

villagers made puliya by self contribution जामताड़ा : अगर दिल में जज्जबा हो तो रास्ता आसान हो जाता है. इस वाक्य को सच साबित करने का काम जामताड़ा प्रखंड के भंडारो गांव के लोगों ने कर दिखाया है. जिले के लिए भंडारो गांव और गांव के ग्रामीण मिशाल हैं. भंडारो गांव के ग्रामीणों ने मिसाल कायम की है.

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यहां रहने वालों ने साबित किया कि हर बात के लिए सरकार या जिला प्रशासन के भरोसे ही रहा जायें. जी हां, हम उस भंडारो गांव की बात करते है जहां के लोगों ने अपने मेहनत पर राजिया नदी के बीचों बीच पुलिया का निर्माण किया है. वर्ष 2016 में ग्रामीणों के द्वारा राजिया नदी के उपर पुलिया का निर्माण कराया गया है. तब से अब तक ग्रामीणों के द्वारा ही पुलिया का देखभाल किया जाता है. पुलिया का सारा मेंटनेंस ग्रामीण अपनी खर्च और श्रमदान से करते है.




ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरकार और प्रशासन से पुलिया निर्माण की मांग किया गया लेकिन अब तक पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया. तब उन्होंने खुद ही पुलिया बना डाला.

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बात दें कि भंडारो पुलिया जामताड़ा और धनबाद के लिए लाइफ लाइन बन चुकी है. भंडारो पुल जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने का काम करती है. जामताड़ा से धनबाद जाने के लिए कई रूट है. लेकिन सबसे कम दूरी वाला रूट जामताड़ा से भंडारो पुल होते हुए है. इससे महज 45 मिनट में धनबाद जाया जा सकता है.

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जामताड़ा से मिहिजाम होते हुए मैथेन डेम होते हुए धनबाद, कुल दूरी 90 किलोमिटर, जामताड़ा से नारायणपुर होते हुए करमदाहा पुल होते हुए कुल दूरी 85 किलोमिटर, जामताड़ा से बाजारा घाट होते हुए धनबाद कुल दूरी 75 किलोमिटर, जामताड़ा से विरगांव श्यामपुर होते हुए धनबाद की कुल दूरी 65 किलोमिटर है.

इस पुलिया से रोजना सौकड़ो वाहन गुजरती हैं. धनबाद जाने के लिए इस रास्ते से रोजाना छोटी बड़ी वाहन इसी रास्ते से गुजरती है।





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