रिम्स में मचा पानी के लिए हाहाकार, एक बूंद पानी की तलाश में भटक रहे परिजन

पानी के लिए हाहाकारसत्यव्रत किरण

रांची : ठंड में ही मरीजों की हलक सूख रही है. हाथों में पानी का बोतल लिए मरीज भटक रहे हैं. ना शौचालय में पानी है और ना वाटर फिल्टर से पीने का पानी निकल रहा है. गरीबी के बावजूद पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं मरीज के परिजन.

दरअसल, राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में पानी के लिए हाहाकार मचा है. रिम्स प्रबंधन अपने भर्ती मरीजों को पानी तक मुहैया नहीं करा पा रहा है. 1500 बेड वाले अस्पताल में मरीज हाथों में बोतल लेकर पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं. कहीं पानी मिल भी रहा है तो बूंद भर. वाटर फिल्टर से पानी भरने के लिए मरीजों को 10 से 15 मिनट इंतजार करना पड़ रहा है.




रिम्स अस्पताल में ना केवल झारखंड बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों के मरीज भी बेहतर इलाज की उम्मीद लिए यहां आते हैं. लेकिन बुनियादी सुविधाओं में शुमार पानी के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है. जबकि रिम्स प्रबंधन कई बार रिम्स में नया संप बनाने की बात कर चुका है, लेकिन अब तक पानी की पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था रिम्स में नहीं है. जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है. ऐसे में गरीबों के लिए बोतल बंद पानी ही उनका सहारा है.

जाहिर है राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में शुमार नाम रिम्स का है, लेकिन इन सबके बीच अव्यवस्था का आलम रिम्स में देखने को मिलती है. जहां एक बूंद पानी के लिए मरीज दर-दर भटक रहे हैं और प्रबंधन केवल आश्वासन पर आश्वासन देने की कोशिश करता है.



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