मां विपततारणी की पूजा-अर्चना कर व्रतियों ने परिवार की मंगल कामना की

पूजा-अर्चनानाला (जामताड़ा) : नाला प्रखंड क्षेत्र में मां विपततारिणी की पूजा धूमधाम से श्रद्धापूर्वक की गई. क्षेत्र के गोपालपुर बारह फुट काली मंदिर, पातुलिया हनुमान मंदिर, गोपालपुर गोपाल मंदिर, नाला नीचेपाड़ा शिव मंदिर, बाबा देवलेश्वर धाम, कुमिरदहा शिव मंदिर, चालेपाड़ा काली मंदिर, नाला बाजार के बुढ़ा शिव मंदिर, खैरा हनुमान मंदिर, घोलजोड़ रक्षा काली मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों एवं अन्‍य मंदिरों में विधि-विधान पूर्वक मां विपततारिणी की पूजा-अर्चना की गई. इस अवसर पर नाला के गोपालपुर स्थित बारह फुट काली मंदिर में पुरोहित बासुदेव चक्रवर्ती के सानिध्य में मां विपततारिणी की पूजा-अर्चना की गई.

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पूजा-अर्चना के बाद व्रतियों ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर लगाकर मांगा आर्शीवाद




इस क्रम में पुरोहित बासुदेव चक्रवर्ती के द्वारा मां विपततारिणी व्रत कथा का वाचन किया गया. इस धार्मिक अनुष्ठान में सैकड़ों व्रतियों ने नियम-निष्ठा पूर्वक मां विपततारिणी की कथा का श्रवण किया. इस अवसर पर मंदिर परिसर में व्रतियों की काफी भीड़ देखी गई. पूजा के उपरांत प्राचीन नियमानुसार व्रतियों ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर लगाकर परिवार की मंगल कामना की.

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व्रत की लाल डोरी सभी विपदाओं से रक्षा करती है

विदित हो कि इस पर्व में नौ प्रकार के फूल-फल, दूब घास व लाल डोरी का काफी महत्व है. इस क्रम में पूजा के बाद व्रती द्वारा अपने घर के सभी बड़े बुजूर्ग एवं बच्चों को रक्षा सूत्र के रूप में व्रत की लाल डोरी बांधी जाती है. कहते हैं व्रत की लाल डोरी सभी विपदाओं से रक्षा करती है.

ज्ञात हो कि यह महा व्रत क्षेत्र के प्राय: सभी घरों में बड़े ही नियम-निष्ठा एवं श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है. पर्व के दौरान व्रती द्वारा कठिन नियमों का पालन किया जाता है. इस धार्मिक अनुष्ठान के पावन अवसर पर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है.

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